“दोस्ती” (Unforgettable Day…2nd August 2015)

ashu1.jpg

दोस्ती का दिन कोई, न कोई वार होता है
दोस्तों के साथ तो, हर वार ही शनिवार होता है।

चाहे माइंड की मिस्ट्री हो, या हसरतों की हिस्ट्री
दोस्तों के दरमियाँ होती हैं, कमाल की कैमिस्ट्री।

सेटिंग चाहे मोबाइल की हो, या फिर दिल की
दोस्तों ने तो इन पर, पूरी पीएचडी हासिल की।

हुस्न देखकर ये फँस जाते हैं, रोज उसकी गली तक जाते हैं
दोस्ती के बिना दोस्तों, ये ज़िंदगी के सफ़र में भटक जाते हैं।

यारों दा ठिकाना कोई, न कोई घरबार होता हैं
यारों के साथ तो, हर लम्हा ही यादगार होता हैं।

मुसीबत हो या मोहब्बत, या हो कोई फड्डा
हर थड़ी पे होता हैं, साड्डे यारों दा अड्डा।

घरवाले जब इन्हें डाँटते हैं, बुरा नहीं ये मानते हैं
दोस्त लोग तो हमेशा, दोस्तों में खुशियाँ बाँटते हैं।

ज़िंदगी ने एक रोज जब, मुझसे मेरी खुशियों का राज़ पूछ लिया
मुस्कुराकर मैंने भी, अपने दिल के काग़ज़ पर दोस्ती लिख दिया।।

rockshayar.wordpress.com

Poem for me by sadda yaar…Ashif

CYMERA_20150824_193451.jpgखुद ही को खुद में इज़ाद करता है वो शख़्स 

खुद ही को खुद से आज़ाद करता है वो शख़्स।

शायरी से यारी, फिर क्या दुनियादारी
तकलीफ़ों को कुछ यूँ निजात करता है वो शख़्स।

दुनिया से तलाक कर
शायरी की दुनिया पर नाज़ करता है वो शख़्स।

कागज़ से यारी, और बस लिखना जारी
हर हद को भूल कर, खुद को क़ुबूल करता है वो शख़्स।

हर नाराज़ से बेपरवाह हो
बस काग़ज़ को हमराज़ करता है वो शख़्स।

आसमां छूने की ज़िद में
सितारों तक जा पहुँचता है वो शख़्स।

अल्फाज़ो में खोकर
वुज़ूद को उन्ही में नुमायाँ कर देता है वो शख़्स।

अश्क़ों से आँखे नम करती दुनिया सारी
पर लफ्ज़ो से कागज़ तर कर, रोता है वो शख़्स।

सीने में दिल को छुपाती दुनिया सारी
पर डायरी में अपना दिल रख कर, सोता है वो शख़्स।।

-Ashif Khan

“अपना बर्थ डे(25th August)”

रोज रोज कोई अपना बर्थ डे थोड़े ही आता है
रोज रोज कोई इतना थोड़े ही मुस्कुराता है

साल में एक दिन तो हम एज लाइक किंग जैसा फील करते हैं
लाइफ के बिजी शेड्यूल से चंद हैप्पीनुमा लम्हों की डील करते हैं

फर्स्ट ऑफ ऑल तो केक कटता है, ऑफ्टर देट वो सब में बंटता है
और वैसे देखा जाए तो, हमारी ज़िन्दगी का एक पूरा साल घटता है

दिल की दीवारों पर, यादों के कलरफुल बैलून टंगे होते हैं
समटाइम ब्लैक एंड व्हाइट, वो समटाइम रंग बिरंगे होते हैं

स्टार्टअप सेलिब्रेशन के बाद, मस्तवाली पार्टी तो बनती है
धूम धड़ाका एंड डांसिंग धमाल, साड्डे यारों दी क्रेजीपंती है

गिफ्ट्स एंड विशेज का सिलसिला तो दिन भर चलता है
माइंड ब्लोइंग मैसेज पढ़कर ही सबका चेहरा खिलता है

नेक्स्ट ईयर यह फिर से आएगा, जमकर खूब खुशियाँ लाएगा
हर शख़्स बर्थ डे बाॅय के लिए फिर, हैप्पी बर्थ डे टू यू गाएगा।

“चायनुमा चाहतों के किस्से”

चायनुमा चाहतों के किस्से भी कितने अजीब हैं
चीनी जिनमें के ना कम होनी चाहिए, ना ज्यादा

दिल के बागानों में चाय पत्ती उग आती है
तोड़ने में जिसको, सारी उम्र बीत जाती है

एहसास की अदरक जब अच्छे से कुटती है
मटमैला अर्क़ लिए वो सफेद रूह में घुलती है

यादों के चूल्हे पर, ख़्वाहिशों की केटली में
हसरतें उबलती रहती हैं, मन की पोटली में

इश्क़ की वो इलायची, जब कभी मिल जाए
पीने वालों का तो फिर, चेहरा ही खिल जाए

ख़ामोशी का कप जब लरज़ते लबों को चूमता है
सर्द सुबह में पीकर फिर चाय, ये दिल झूमता है

ज़िन्दगी के सिरदर्द का, पुख़्ता इलाज है चाय
चुटकी में बनाकर मूड, नींद को कर देती है बाय

चायनुमा चाहतों के किस्से भी कितने अजीब हैं
चीनी जिनमें के ना कम होनी चाहिए, ना ज्यादा ।

“मुझे इस तरह ज़िन्दा छोड़कर ऐ मेरे दुश्मन”

मुझे इस तरह ज़िन्दा छोड़कर ऐ मेरे दुश्मन
तूने तो अपनी ज़िन्दगी खुद ही खत्म कर ली

मुझे इस क़दर अधमरा छोड़कर तो बेशक
तूने वो आख़िरी आस खुद ही खत्म कर ली

जान बचाकर भाग ले जितना भाग सकता है
रात रात भर जाग ले जितना जाग सकता है

बच नहीं सकता तू अब, सुन रहा है मेरा रब
दाग ले गोलियां जितनी मुझपे दाग सकता है

मुझे घायल तड़पता छोड़कर ऐ मेरे कातिल
तूने तो अपनी क़ब्र भी यहाँ खुद ही खोद ली

मुझे इस तरह ज़िन्दा छोड़कर ऐ मेरे दुश्मन
तूने तो अपनी ज़िन्दगी खुद ही खत्म कर ली ।।

EICwaley…Rocking Bandey…

यूँ तो स्टूडेंट्स कई मिले हैं, पर इनके जैसा कोई नहीं
पासआउट होते ही चले गए, कोई कहीं तो कोई कहीं

इंजीनियरिंग में लिया प्रवेश, काॅलेज था वो जीसीटी
ईआईसी ब्रांच मिली, दुनियादारी उसी से सीखी

फिफ्थ सेमेस्टर में मुझे, पढ़ाने का अवसर मिला
लाइफ की फिलोसोफी, जानने का अवसर मिला

पूछा करते मुझ से हमेशा, यह कैसी ब्रांच है सर
इंस्ट्रुमेंटेंशन एंड कंट्रोल, नाम से ही लगता है डर

लैब में जाने से, पता नहीं क्यूँ इन्हें बहुत ज़ोर आता
लास्ट बैंच वाला ग्रुप, क्लास में हरदम शोर मचाता

कुल्लू मनाली चंडीगढ़, काॅलेज ट्रिप में गए वो जब
बाद उसके एक अलग ही बाॅन्ड में बंध गए वो सब

मिडटर्म हो या प्रेक्टिकल, ऐन वक्त पर जागते सब
फाइल कम्प्लीट करने को, इधर उधर भागते सब

मैनेजमेंट से ऑलवेज ख़फ़ा, अनबन हुई सौ दफ़ा
फैकल्टी का रेस्पेक्ट करते, निभाते थे हरदम वफ़ा

हो चाहे अटेंडेंस का लफड़ा, या डिबार का चक्कर
अपने हर मैटर पर वो, एचओडी से लेते थे टक्कर

शिकवा यहीं रहता, जीआईटी वाले कितने अच्छे हैं
इस बार तो सर जी आपने, नंबर बहुत कम भेजे हैं

मई 2015 में जब अलविदा की घड़ी नज़दीक आई
गुज़रे लम्हों को याद करके आँख सबकी भर आई

उस दौर की वो तमाम बातें, आज बहुत हँसाती हैं
तन्हाई में यूँ कभी कभी, रह रहकर याद आती हैं

यूँ तो स्टूडेंट्स कई देखे हैं, पर उनके जैसा कोई नहीं
ज़िन्दगी में खूब आगे बढ़े, करता हूँ रब से दुआ यहीं

– Irfan Sir

जब ओखली में सिर दिया, तो मूसलों से क्या डरना

जब ओखली में सिर दिया, तो मूसलों से क्या डरना
छोङो सब चिंताएं तुम, क्या जीना और क्या मरना
अपने ही साथी बन जाओ, छोङकर सब आहें
राही उन्मादी बन जाओ, मोङकर खुद राहें
पग पग पर मिलेंगे यहां, दमकते हुए दोराहे तुझे
कपट की कङकती धूप में, चमकते हुए चौराहे तुझे
कौन है अपना, कौन पराया ? सब जान ले तू
तुझी में है मनमीत तेरा, अब तो यह मान ले तू
डर को अपने डराना है, और खुद को पाना है
हर हाल में गुनाहों से यहां, खुद को बचाना है
करने वाला तो वो है, बस उसी पर यक़ीन रखो
मांगो जब भी रो रोकर, तर दिल की ज़मीन रखो
ज़िंदगी की तकलीफ़ों से, इतना भी क्या घबराना
कर लो न अपना एहसास, इतना भी क्या शर्माना
जब ओखली में सिर दिया, तो मूसलों से क्या डरना
छोङो सब फिक़्रे तुम, क्या जीना और क्या मरना ।।
RockShayar Irfan Ali Khan

“खुशीयों का प्रोमो कोड चाहिए”

Screen-Shot-2014-12-26-at-10.00.04-AM

ज़िन्दगी के एप को, खुशीयों का प्रोमो कोड चाहिए
घिसा पिटा नहीं, फंकी स्टाइलिश और ऑड चाहिए

बहुत जी लिए टू जी स्पीड की तरह, अब तो बस
जुनून की डोज़, विद एक्सट्रीम पावर मोड चाहिए

ख़्वाबों की अमेज़िंग जर्नी, आसान करने के लिए
इरादों से फुल टू अटैच्ड, क्रेज़ीपन का नोड चाहिए

लाईफ के गॉल को, पाना हो गर हर हाल में तो
ख़्वाहिशों से फिर डायरेक्ट, थ्री फेज़ लोड चाहिए

गुज़ारिश-ए-डिवाइस, बस इतनी सी है ‘इरफ़ान’
लूजर सा नहीं कोई, विनर सा अब कोड चाहिए ।।

*** शब्द संदर्भ ***
———————
प्रोमो कोड – प्रचार संकेत
एप – एप्लीकेशन, अनुप्रयोग
फंकी – मस्त
स्टाइलिश – बना ठना, छैल छबीला
ऑड – विषम, अजीब
टू जी स्पीड – द्वितीय पीढ़ी मोबाइल इंटरनेट गति
जुनून – जोश, उत्साह, राग, लालसा
डोज़ – ख़ुराक, मात्रा
विद – के साथ
एक्सट्रीम – चरम, परम
पावर – ऊर्जा, शक्ति
मोड – प्रणाली, प्रकार, अवस्था
ख़्वाब – सपना, स्वप्न
अमेज़िंग जर्नी – अद्भुत यात्रा
इरादा – नियत, प्रयोजन
फुल टू अटैच्ड – पूरी तरह जुड़ा हुआ, पूर्ण संलग्न
क्रेज़ीपन – पागलपन, जुनूनियत, सनकपन
नोड – आसंधि, गाँठ
लाईफ – जीवन, ज़िंदगी
गॉल – लक्ष्य
ख़्वाहिश – इच्छा
डायरेक्ट – सीधा
थ्री फेज लोड – त्रिकला भार
गुज़ारिश – प्रार्थना, विनती
डिवाइस – युक्ति, यंत्र
लूजर – हारा हुआ, पराजित
विनर – विजेता, विजयी