Chalo na

चलो न नया एक नशेमन बनाते हैं
एक दूसरे के और पास आ जाते हैं।

नज़दीक आने में अभी वक़्त लगेगा
चलो न दूर से ही दूरियां मिटाते हैं।

ख़यालात में खून की कमी चल रही है
चलो न खुद को जी भरके हँसाते हैं।

हक़ीक़त को सच मान चुकी हैं आँखें
चलो न इन्हें कुछ ख़्वाब दिखाते हैं।

बहुत दिन हो गए हैं दर्द सहते-सहते
चलो न आज जी भरके मुस्कुराते हैं।

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