Itfar

अब्र की आँखों से दर्द टपकने को है
सब्र कर ऐ ज़मीं, बारिश होने को है

अभी प्यास लगना लाज़िम है तुझे
बस थोड़ी देर और, इफ़्तार होने को है

Maula Tu

सभी के दिल में मौला तू,
अली के दिल में मौला तू
कि सबको चाहता है तू,
सभी के दिल में मौला तू

फ़लक से चाँद है उतरा,
गवाही जो कि देता है
ये सब कुछ है नबी से और,
नबी के दिल में मौला तू

Chalo na

चलो न नया एक नशेमन बनाते हैं
एक दूसरे के और पास आ जाते हैं।

नज़दीक आने में अभी वक़्त लगेगा
चलो न दूर से ही दूरियां मिटाते हैं।

ख़यालात में खून की कमी चल रही है
चलो न खुद को जी भरके हँसाते हैं।

हक़ीक़त को सच मान चुकी हैं आँखें
चलो न इन्हें कुछ ख़्वाब दिखाते हैं।

बहुत दिन हो गए हैं दर्द सहते-सहते
चलो न आज जी भरके मुस्कुराते हैं।

Hippocrate Wazir

चेहरा छुपाने के बजाय अपनी नाकामी छुपा रहा है
जनता जान चुकी हैं, वज़ीर अपनी ख़ामी छुपा रहा है

अंधों की भीड़ जमा करके, उनको गूंगा बना दिया
करके सबको गुमनाम अपनी बदनामी छुपा रहा है


























Naye Zamane Yaar Purane

बंजर में बारिश के फ़साने ढूंढते हैं
वो हँसने के भी बहाने ढूंढते हैं

खो जाते हैं जो किसी दौर के दौरान
खुद को लिखने के बहाने ढूंढते हैं

दुःखी होते हैं जब लोग अक्सर
नए जमाने में यार पुराने ढूंढते हैं

Haq bolenge

हक़ बोलेंगे,
लाज़िम है के लब भी खोलेंगे
हर तदबीर अब हम
इंसाफ़ के तराज़ू में तोलेंगे

ज़ुल्म करने वालों
सुनो ज़रा फ़र्माने इलाही
ज़ुल्म बढ़ने पे
तख़्त तुम्हारे ख़ुद बख़ुद डोलेंगे